Tuesday, 16 December 2025

सावधान हो जाइए - गूगल बिना किसी नोटिस के बंद कर रहा है जीमेल अकाउंट

 गूगल क्लाउड ड्राइव में अपना डाटा सेव करते हैं तो होशियार हो जाइए।

(गूगल बिना किसी नोटिस के बंद कर रहा है जीमेल अकाउंट)

संजीव खुदशाह

सोचिए यदि आपका स्मार्ट टीवी चलते-चलते अचानक बंद हो जाए, आपका वाई-फाई काम न करें और मोबाइल हैंडसेट रुक जाए। तो क्या होगा? निश्चित रूप से आप घबरा जाएंगे, परेशान हो जाएंगे और हल खोजेंगे। आजकल यह सभी चीजें गूगल अकाउंट से जुड़ी हुई है। और गूगल कभी भी आपके अकाउंट को बंद कर सकता है बिना सूचना के। जी हां ऐसा हो रहा है इसीलिए होशियार हो जाइए।

इन दिनों अपने पर्सनल या ऑफिशल डाटा को क्लाउड में सुरक्षित रखने का प्रचलन बढ़ गया है इस कारण एक्सटर्नल हार्ड डिस्क की मांग घट गई है। किंतु विगत दिनों ऐसी घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं कि गूगल ड्राइव या अन्य क्लाउड का डाटा संबंधित कंपनी के द्वारा बंद कर दिया जाता है। बिना किसी नोटिस के और ग्राहक या उपयोगकर्ता ठगा सा महसूस करता है। खास तौर पर गूगल अकाउंट को लेकर लोगों में क्रोध देखने को मिल रहा है।

क्योंकि इसके उपयोगकर्ता ज्यादा है। इस प्रकार क्लाउड प्रदान करने वाली कंपनियां विदेशी होती हैं। इसीलिए कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकती। यदि आप कानूनी कार्यवाही करते हैं इसके बावजूद वह उपयोगकर्ता का अकाउंट बहाल नहीं करती है। 



ऐसा ही एक प्रकरण सामने आया जीमेल के उपयोगकर्ता ने इस ईमेल से गूगल ड्राइव, यूट्यूब चैनल, गूगल पे, ब्लॉगपोस्ट और वेबसाइट आदि-आदि उपयोग कर रहा था। उन्होंने अपने परिवार की महत्वपूर्ण तस्वीरें, सर्टिफिकेट्स, वीडियो गूगल ड्राइव को सुरक्षित मानते हुए वहां सेव कर रहा था। इसी तरह महत्वपूर्ण वीडियो और एक अच्छा खासा यूट्यूब चैनल भी चल रहा था। गूगल पे का भी उपयोग किया जा रहा था। कि अचानक उनके मोबाइल पर एसएमएस आया कि आपका गूगल अकाउंट बंद कर दिया गया है। गूगल ने एक मैसेज भेजा की "चाइल्ड एब्यूज/ सस्पेक्टेड एक्टिविटी/ ड्यू टू वायलेट अवर पॉलिसी के अपराध में आपका जीमेल अकाउंट बंद किया जाता है।"

2024 में गुजरात के एक इंजीनियर का अकाउंट बचपन की फोटो को "पॉर्न" मानकर सस्पेंड हो गया। अप्रैल 2024 तक डेटा डिलीट करने की धमकी मिली, और हाई कोर्ट को नोटिस जारी करना पड़ा। 2025 में भी ऐसे केसेज बढ़े हैं, खासकर गूगल ड्राइव यूजर्स में, जहां 140GB+ डेटा खोने की शिकायतें हैं। गूगल हर साल 2.7 लाख अकाउंट्स सस्पेंड करता है। अगर अकाउंट रिकवर न हो, तो सालों का डेटा (ईमेल, यूट्यूब, गूगल पे) चला जाता है। भारत जैसे देश में, जहां 50 करोड़+ गूगल यूजर्स हैं, यह बड़ी समस्या है।



जबकि आवेदक के द्वारा ऐसा कोई कृत्य नहीं किया गया था जिसमें चाइल्ड एब्यूज जैसी कोई बात हो। यूट्यूब में सर्च करने पर ज्ञात हुआ की गूगल बहुत सारे लोगों का अकाउंट ऐसे ही आरोप लगाकर बंद कर देता है, बिना किसी पूर्व सूचना के। आवेदक द्वारा अपने बच्चों की नहाने की तस्वीर या फिर हगीज पहनकर खेलने की तस्वीरें को भी देखकर या इस तरह का बहाना करके गूगल बहुत तेजी से उपयोगकर्ता का अकाउंट बंद कर रहा है।

ईमेल द्वारा अपील करने के लिए दो मौके दिए जाते हैं। यह मौके सिर्फ दिखावटी हैं। ज्यादातर मामलों में गूगल अकाउंट को रिस्टोर नहीं करता है। क्योंकि यह कंपनी अमेरिकी बेस्ड है। इसीलिए भारत का कोई कानून इन पर लागू नहीं होता। न ही इस तरह अकाउंट को रिकवर करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। नाम न छापने की शर्त में एक उपयोगकर्ता कहते हैं की 20 साल से वे गूगल अकाउंट का उपयोग कर रहे थे। बच्चों की तस्वीर उनकी खुद की तस्वीर और वीडियो, कंपनी के डॉक्यूमेंट, सर्टिफिकेट्स और महत्वपूर्ण जानकारियां गूगल ड्राइव में सेव की गई थी। करीब इतने ही वर्ष पुराना वेबसाइट और यूट्यूब चैनल भी चल रहा था। जिसमें हजारों वीडियो थे लेकिन अचानक गूगल ने बिना कोई नोटिस दिए बिना कोई चेतावनी दिए। उनका अकाउंट बंद कर दिया और वह स्तब्ध रह गए। उनका ईमेल बैंक अकाउंट इस ऑफिसेज और तमाम स्थानों में कनेक्ट था। सारी गतिविधियां रुक गई। आखिर उस उपयोगकर्ता का क्या अपराध था कि अचानक उनका अकाउंट इस तरह से बंद कर दिया गया। कई बार अपील करने के बावजूद उनका अकाउंट रिकवर नहीं हुआ।

ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या करें?

1 ऐसी स्थिति में क्लाउड में डाटा स्टोर करने से बचें महत्वपूर्ण डाटा स्टोर करने के लिए एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव का उपयोग करें।

2 हर काम के लिए अलग-अलग ईमेल का प्रयोग करें ताकि कोई अकाउंट बंद हो जाए तो बाँकी चलता रहे, असुविधा न हो।

3 मल्टी-क्लाउड: गूगल ड्राइव के साथ OneDrive, iCloud या Dropbox यूज करें। टूल्स जैसे MultCloud से ऑटो-सिंक करें।

4 अगर आपका अकाउंट इस तरह से बंद किया जाता है तो उसके खिलाफ आवाज़ उठाएं। राज्य और केंद्र की सूचना मंत्रालय को इसकी जानकारी दें। जनसमूह को जागृत करें ताकि दूसरा कोई इस तरह से धोखा न खाए। सोशल मीडिया पर शेयर करें (#GoogleAccountBan), IT मिनिस्ट्री ([meity.gov.in](https://meity.gov.in)) को ईमेल करें। जनता जागेगी तो दबाव बनेगा।

5  भारत में लीगल IT एक्ट के तहत साइबर सेल या कंज्यूमर कोर्ट जाएं। गुजरात केस की तरह हाई कोर्ट अप्रोच करें।

क्या होना चाहिए ?

1 शासन द्वारा डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP) 2023 को सख्त बनाना चाहिए । क्लाउड कंपनियों को 30-दिन का नोटिस और अपील राइट देना अनिवार्य हो। RBI जैसी बॉडीज गूगल/अमेजन पर नजर रखें। गलती करने पर बड़ा जुर्माना लगाए।

2 भारत सरकार को अपना खुद का क्लाउड सिस्टम बनाया जाना चाहिए। जिसमें भारत के नागरिकों का डाटा सुरक्षित रखा जा सके और रिकवर करने में आसानी हो। भारतीय क्लाउड MeghRaj (NIC क्लाउद) को मजबूत तथा आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

3 क्लाउड कंपनियां डेटा देख/बेच सकती हैं। गूगल का AI हर फाइल को स्कैन करता है, जो प्राइवेसी ब्रेक है। 2025 में GDPR जैसी EU पॉलिसी से प्रेरित होकर भारत DPDP लागू किया जाना चाहिए। टिप: एन्क्रिप्टेड फाइल्स (VeraCrypt) अपलोड करें, ताकि गूगल न पढ़ सके।

सबसे बड़ी समस्या गूगल अकाउंट की है, इसका विकल्प खोजना होगा। विकल्प नहीं होने के कारण कोरपोरट कंपनियां इस तरह से तानाशाही मे उतर जाती है।



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